थाईलैंड के समुद्र किनारे एक छोटे से बसे गांव का नाम है Koh Panyee। Koh Panyee के लोगों का जीवन अत्यंत मुश्किलों से भरा है। “तैरते गांव” के नाम से मशहूर इस गांव की आबादी लगभग 1300-1400 है और करीब 400 मछुआरों के परिवारों के लिए यह एक उपयुक्त स्थान भी है।

18वीं शताब्दी के मध्य में इनके पूर्वजों को जब थाईलैंड के कानून के हिसाब से रहने के लिए जमीन नहीं मिल सकी तो उन्होंने समुद्र के थूथले पानी पर अपने लिए लकड़ी से बने तैरते हुए घर बनाये। आज यह एक तैरता हुआ गांव बन गया है।

इस गांव के बच्चों के लिए भी एक बड़ी समस्या यह थी कि उनके पास खेलने कूदने के लिए कोई खुली जगह ही नहीं थी इसलिए बच्चे outdoor sports का लुत्फ़ नही ले पाते थे।

लेकिन 1986 के फुटबॉल वर्ड कप ने कुछ बच्चों के दिमाग मे कुछ ऐसा दीवानापन भर दिया कि आज इस गांव की Panyee FC न सिर्फ देश बल्कि दुनिया के लोगों के लिए प्रेरणा प्रतीक है।

दरअसल 1986 फुटबॉल वर्ड कप ने गांव के बच्चों को फुटबॉल खेल के रोमांच से भर दिया। गांव के बच्चों ने चाहा कि वो भी अब रोजाना फुटबाल की टीमें बनाकर खेलेंगे। मगर सबसे बड़ी परेशानी तो यह थी कि फुटबाल खेलने के लिए एक बड़ी, खुली और समतल जमीन की जरूरत होती है जो कि इस गांव के पास पुश्तों से ही नहीं थी।

रोमांचित बच्चों को जब कुछ न सुझा तो उन्होंने मिलकर निर्णय लिया कि जिस प्रकार उनके पूर्वजों ने एक तैरता हुआ गांव स्थापित किया था क्यों न उसी प्रकार एक तैरता हुआ फुटबॉल मैदान भी बनाया जाए।

बच्चों के एक समूह ने हर तरह की पुरानी लकड़ी, मेख जैसी कुछ ऐसी वस्तुए इकट्ठी करना शुरू कर दी जिन से मैदान बनाया जा सजता था। सुखी लकड़ी के टुकड़ों को तैरते पानी में लोहे की किलों से इकट्टा जोड़ कर एक मैदान का रूप दिया गया। जिस पर बच्चे अपने खाली समय में फुटबॉल खेला करते थे।

हालांकि ऐसा मैदान, जो बहुत अधिक खुरदरी दांतेदार (jagged) लकड़ी का बना हो और जिस पर जहां तहां लोहे के मुहाने निकले रहे, और जिस मैदान की बाउंड्री और समुद्र की बीच सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध न हो, में कोई भी नंगे पैर खेलने की हिम्मत नहीं कर सकता है। मगर इन साहसी बच्चों को रोकने के लिए ये दिक्कतें बहुत मामूली थी। और वो अपनी टीम बनाकर इसी तरह के महीनों तक खेलते रहे तथा फुटबॉल खेल पर अपनी महारथ हासिल करते रहे।

एक दिन शहर गए गांव के एक व्यक्ति ने लौटते समय अपने साथ एक पोस्टर लाया जिसमे लिखा था कि फुटबाल पेंघा (Pengha) कप टूर्नामेंट होने वाला है जिसमे कोई भी टीम हिस्सा ले सकती है। यह पोस्टर पढ़ कर उन्होंने इसमे हिस्सा लेने का फैसला किया बावजूद कि उन्हें अपने ऊपर ज्यादा भरोसा नहीं था।

इस तरह Koh Panyee Foot Ball Club का गठन किया गया। सभी बच्चे टूर्नामेंट जाने की तैयारी करने लगे मगर मैच को लेकर सभी बहुत nervous थे। एक दिन उनके लिए एक और हैरानी ले कर आया जब उन्होंने देखा कि पड़ोस के एक गांव ने सभी बच्चों के लिए स्पोर्ट्स kit तौफे में लायी। वो यह नहीं जानते थे कि महीनों से आस पास के लोग फुटबॉल के लिए उनके जुनून और मेहनत देख रहे हैं। फिलहाल इस तोहफे से उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया।

Sports Kit से पूरी तरह लैस वो सभी बच्चे एक boat से tournament के लिए चल पड़े। गांव वालों ने बच्चों को शुभकामनाएं दी और उनके उत्तम प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रार्थनाएं करने का वादा भी किया। इस से सभी का विश्वास थोड़ा मजबूत हो गया।

एक के बाद वो मैच खेलने लगे और जल्दी ही यह बात सामने आई कि उनका खेल उस से कहीं ज्यादा बेहतर था जितना कि वो सोचते थे। लोगों द्वारा हौसला अफजाई किये जाने और उनकी टीम स्पिरिट से जल्दी ही वो सेमी-फाइनल में प्रवेश कर गए। दुर्भाग्यपूर्ण सेमि फाइनल मैच के दिन बहुत ज्यादा बारिश हुई जिस से जूतों में पानी भर गया और दौड़ने में परिशनी होने लगी। इसका नतीजा यह रहा कि आधे समय तक उनकी team 2-0 से पिछड़ गई थी।

आधे समय के अंतराल में उन्हें समझ आ गया कि कुछ बदलने की जरूरत है वरना वो इस मैच में बुरी तरह से हार जाएंगे। अपनी सेहत को परवाह किये बिना उन सब ने निर्णय लिया कि उन्हें नंगे पैर ही खेलना होगा। और वैसे भी उन्हें नंगे पैर खेलने की महारथ भी हासिल थी। जैसे तैसे उन्होंने स्कोर को level भी कर लिया था मगर अंतिम समय के कॉम्पिटिटर टीम ने एक और गोल कर मैच जीत लिया।

मगर हार के बावजूद लोगों के दिल में उन के लिए सम्मान और प्यार था। बिना किसी प्रोफेशनल कोचिंग के उस टूर्नामेंट में उनकी टीम तीसरे स्थान पर रही। उस दिन के बाद उसी तैरते मैदान पर खेलते और प्रैक्टिस करते उन्होंने 2004 से लेकर 2010 तक 7 बार regional championship जीती और थाईलैंड के सबसे पसंदीदा टीम में से एक बन गयी।

उस के बाद उस पिच को संताल और नरम कर दिया गया। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गयी कि वह अब एक famous tourist spot भी बन गया है।

उनकी कामयाबी और सघन लगन को देखते हुए TMB Bank के लिए किए गए brand compaign में Koh Panyee FC कहानी को debut किया गया।

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Manoj Sharma

Writer, Trainer and Motivator

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