दोस्तों नमस्कार,
मै उम्मीद करता हूँ कि आप हमेशा की तरह सेहतमंद और खुश होंगे।

आज आप लोगों के साथ मैं बहुत ही मजेदार और रोचक जानकारी साँझा करना चाहता हूँ।

“जल या पानी” जो की सभी जीवों के जीवन की एक मूलभूत जरुरत है, और पृथ्वी की 76.5% भाग को ढके रहता है तथा मनुष्य के शरीर के 65% से ज्यादा का भार होता है,  उस पानी की अपनी यादाश्त भी होती है। जी हाँ आप ने सही जाना। पानी की यादाश्त होती है तथा यह अपने साथ इसे समेटे रहता है।

इस तथ्य को पहली बार एक फ्रेंच immunologist डा. जेकेस बेन्विस्ते ने 1988 में दुनिया के सामने रखा था। बाद में जापान के डॉ. इमोतो और अन्य बहुत से वैज्ञानिकों ने इस खोज को अत्यंत गुणवता से आगे बढ़ाया और कुछ ज्यादा रोचक और अहम् जानकारी को सामने लाया।

ऐसे बहुत से प्रयोग किये गए जो डॉ बेन्विस्ते की hypothesis “पानी की यादाश्त” को प्रमाणित करते हैं। इसमें कहा गया कि जब भी पानी किसी भी वास्तु के स्पर्श में आता है तो पानी उस वस्तु से सम्बंधित जानकारी अपने में समेट लेता है और उसे store भी कर लेता है। पानी की ये यादाश्त वैज्ञानिकों को हैरान करती थी। अन्य सभी प्रयोग इसी बात से शुरु हुए और कुछ ज्यादा लाभदायक और रोचक तथ्यों तक पहुच गए। ये भी पता लगाया गया कि पानी न सिर्फ आस पास की चीजों को याद रखता है बल्कि ये तो “intention” या फिर “इरादों” या यूँ कहिये कि विचारों को भी समझता है और फिर अपने आप में “intention” के हिसाब से बदलाव भी लाता है। ये पाया गया कि अगर पानी को किसी भी तरह के “intention” दिए जाएँ तो इसके crystals की भौतिक  सरंचना में बदलाव आते हैं जी हाँ आप ने सही पढ़ा। सिर्फ सोचने भर से. और ये बदलाव अलग अलग प्रकार के “intention” के लिए बिलकुल अलग अलग होते हैं।

है न ये मजेदार और रोचक बात?

इस research को आगे बढ़ाने और सबसे गहन अध्ययन का श्रेय जापान के स्कॉलर Dr Emoto को जाता है। उन्होंने अपने जीवन के अधिकांश वर्ष पानी और उस पर पड़ने वाले intention के प्रभावों में व्यतीत किए। Dr Emoto का काम बेहद महत्वपूरण और interesting है।  Dr Emoto ने अपने शोध में बहुत से experiment किये जिस में उन्होंने एक ही स्त्रोत से लिए पानी के samples को ऊपर विभिन्न प्रकार के “intention” या विचरों का डाला। ये विचार या तो कोई नकारात्मक विचार थे, या सकारात्मक विचार, या विभिन्न प्रकार की प्रार्थनाएं, या तरह तरह के world leaders की pictures तथा अलग अलग धर्मों से जुड़े विशेष विचार। अपनी research के result उन्होंने दुनिया के सामने पेश किये।

इस research के परिणाम सही में अचम्भित कर देने वाले थे। उन्होंने पाया की वो विचार/thoughts या वो intentions जो  सुदरता, शांति, प्यार  या ख़ुशी इत्यादि देने वाली भावना से परिपूरण थे उन विचारों ने पानी के crystals की सरंचना को को बहुत ही खुबसूरत, आकर्षक और aesthetic सरंचना में बदल दिया था। मगर वो विचार/thoughts या intentions जो की नफरत, गुस्से, जलन इत्यादि वाली भावना से भरे थे, उन विचारों ने उसी पानी के crystals की सरंचना को बहुत ही भद्दा और filthy सरंचना में बदल दिया था।

इस के कुछ उदहारण निचे दिए गए हैं:

emotowater love

 

emoto prayer effect

 

water exp

Dr Emoto या इस से सम्बंधित ज्यादा जानकारी के लिए आप निचे दिए link को visit करें:

http://www.masaru-emoto.net/english/water-crystal.html

Aerospace Institute of University, Germany ने इस research में एक और interesting बात को साबित किया। ये बात है पानी की memory के बारे में। इस विश्वविद्यालय की एक खोज में साबित किया गया गया कि पानी न सिर्फ विचारों से प्रभावित होता है बल्कि ये आस पास की जानकारी नही एकत्रित करता है। इस बात को साबित करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ही तरह के पानी के अलग अलग samples में विभिन प्रकार के फूलों को डुबोया और फिर पानी के भौतिक सरंचना को जांचा। और पाया गया कि पानी की सरंचना बिलकुल फूलों की आकृति से मिलती जुलती हो जाती है। यहाँ तक कि इस नई सरंचना को देख कर ये साफ़ साफ़ बताया जा सकता है कि इस पानी में कौन सा फूल डुबोया गया था।

 

इस के बाद एक और experiment ने अपने दायरे के मामले में तो सारी हदों को ही पार कर दिया। और ये experiment “DOUBLE BLIND TEST” के नाम से विख्यात हुआ।  Dr. Dean Radin, IONS के  chief scientist और जापान के स्कॉलर  Dr. Emoto ने Dr. Gail Hayssen तथा Dr. Takashige Kizu के साथ मिलकर इस experiment को अंजाम दिया। इस experiment के लिए Tokyo के 2000 लोगों को California में बने एक विशेष electromagnetically बंद किये कमरे में रखे हुए पानी के samples पर अपना ध्यान केन्द्रित करने को कहा गया। जिस में उन्हें तरह तरह की भावनाओं  वाले विचरों को सोचने के लिए कहा गया। ये experiment लगातार तीन दिन तक चला।

बाद में बंद कमरे में रखे गए पानी की बूंदों के एक बहुत ही expert technicians की टीम ने तस्वीरें खींचीं। इस सारी तस्वीरों को 2500 विभिन्न Judges को उनकी independent assessments के लिए भेजा गया। फिर सारे Judges के निर्णयों का विश्लेषण किया गया। और जो तथ्य  निकलकर आये  वो Dr Emoto के  किये कार्य को सत्यापित करते थे। जिसमे कहा गया कि पानी सोच को समझता है और सोच के हिसाब से अपनी सरंचना बदलता है। ये भी पाया गया की अच्छे और सकारात्मक विचार पानी की सरंचना को सुन्दर और आकर्षक बनती है। जबकि नकारात्मक विचार पानी में गंदे और बेरुखे सरंचना को बनाती है। इस से भी हैरान करने वाली बात है कि विचारों ने  किसी तरह की दुरी या समय के बंधन से परे अपना असर दिखाया है। ऐसी बातें तो सिर्फ हम कहानियों में ही सुना करते थे।

experiment के details जानने के लिए निचे link को click करें:

http://library.noetic.org/library/publication-scholarly-papers/double-blind-test-effects-distant-intention-water-crystal/

इन सभी experiments से एक बात तो साफ़ है पानी की बुँदे इरादों/intentions या विचारों के हिसाब से अपने में परिवर्तन लाती है। इस से ये भी साबित हो जाता है कि पानी चेतना को समझता है और उसके प्रति सवेंदनशील भी है।  अगर ये बात सही तो फिर इस धरती का क्या जो कि  ज्यादातर पानी से घिरी है। और तो और आप के उस शरीरअ  जो 65% पानी से बना है। इस से ये तो जाहिर है कि आपके मन में पनपने वाले दिन भर के विचार आप के अन्दर हर उस हिस्से पर असर डालता है जहाँ पानी मौजूद है। साफ़ है  कि आप के विचार आप के जीवन का निर्माण करते हैं। इस का मतलब तो ये हुआ कि आपका जीवन आप के हाथ में ही है। और इस जीवन में आप अपनी इच्छा अनुसार बदलाव ला सकते  हैं।

आप को ये जान कर हैरानी होगी कि ये बात कुछ लोगों के लिए नई हो सकती है मगर public domain इस तरह की जानकारी से लबालब भरा पड़ा है। लोग अपने आप ही इस तरह के विचारों की ताकत को सत्यापित करने वाले experiments कर रहें हैं। लोग जान रहें है कि कोई तो ऐसी विशेष बात है विचारों कि ब्रहमांड का कोई भी कोना ताकतवर विचारों के लिए अभेद नही है। विचार समय और दुरी के बंधन से भी परे है। Quantum Science ने पहले ही इस और इशारा कर दिया है। बल्कि दुनिया में मौजूद हर ग्रन्थ ने भी इसे पहले ही validate कर दिया है। विचार ही एकमात्र ऐसा बिंदु नजर आता है जहाँ विज्ञानं और धर्म एक दुसरे से पूरी तरह सहमत नजर आते हैं।  दुनिया के महानतम लोगों के जीवन को देखें तो लगता है कि वो पहले ही इस रहस्य को जानते थे और अपनाते थे। और इसी को बदोलत दुनिया का दिल जीत पाए और सफल भी हुए।

दोस्तों, मेरा मानना है कि धरती उत्पति से लेकर अभी तक  के सफ़र का ये सबसे स्वर्णिम समय है। आज की उन्नत तकनीकों की बदोलत पूरा विश्व अपने आप में एक single community बन गया है। Information पालक झपकते ही अपने गंतव्य तक पहुच जाती है। एक ही विचारधारा वाले लोग एक दूसरे से मिले बिना ही एक दूसरे से जानकारी सांझा कर सकते हैं। इस स्वर्णिम समय मे जरूरत है तो बस एक ताकतवर इरादे और अच्छे विचार की। उस विचार को फलीभूत होने के लिए सारे संसाधन पहले से ही मौजूद है।

उम्मीद है ऐसा कोई न कोई विचार आपके पास जरूर होगा। इस विचार को एक अटूट इरादे की मजबूती दें और छोटे से छोटे कदम उठा कर शुरुआत करें। और फिर इस विश्व में आप भी अपनी एक छाप छोड़ कर जाएं।
आपका दोस्त

मनोज शर्मा

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Picture Source: internet

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Manoj Sharma

Writer, Trainer and Motivator

2 Comments

Anonymous · August 27, 2017 at 1:20 pm

Great

Nisha · August 27, 2017 at 9:09 am

सुन्दर !!

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